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हार्दिक पंड्या और KL राहुल ज्‍यादातर फैंस ने निलंबन वापस लेने का स्‍वागत किया कहा, इन दोनों को अपने किए का सबक मिल गया…

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने क्रिकेटर हार्दिक पंड्या और केएल राहुल पर लगा निलंबन तत्‍काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया है. एक टीवी शो में महिलाओं के खिलाफ अनुचित टिप्‍पणी को लेकर इन दोनों को निलंबित किया गया था. इन दोनों को ऑस्‍ट्रेलिया दौरा बीच में ही छोड़कर भारत आने के निर्देश दिए गए थे. बीसीसीआई की ओर से जारी प्रेस रिलीज में यह जानकारी देते हुए कहा गया था कि हार्दिक पंड्या को जल्द से जल्द न्यूजीलैंड भेजा जाएगा और केएल राहुल इंडिया ‘ए’ टीम को ज्वाइन करेंगे. इंग्लैंड लायंस के खिलाफ राहुल बाकी बचे मैचों में खेलेंगे. हार्दिक और राहुल का निलंबन खत्‍म करने के फैसले पर फैंस ने अलग-अलग अंदाज में प्रतिक्रिया दी है.

जहां कुछ फैंस ने इसे दोनों खिलाड़ि‍यों के लिए राहतभरा निर्णय बताते हुए कहा कि इन दोनों को अपने किए का सबक मिल गया है, दूसरी ओर कुछ प्रशंसकों ने कहा कि इन दोनों की टीम को जरूरत नहीं है और इनके बिना भी भारतीय टीम जीतने में सक्षम है. कुछ प्रशंसकों ने लिखा कि कोई भी खिलाड़ी देश के प्रतिष्‍ठा/गौरव से बढ़कर नहीं है. पंड्या और राहुल के निलंबन का वापस लिए जाने पर फैंस की राय इस प्रकार रही

गौरतलब है कि बीसीसीआई की कमेटी ऑफ एडमिनिस्‍ट्रेटर्स ने नये न्यायमित्र पीएस नरसिम्हा से परामर्श करने के बाद जांच लंबित रहने तक निलंबन हटाने का फैसला किया. जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट को लोकपाल नियुक्त करना है. शीर्ष अदालत ने इस मामले को 5 फरवरी को अस्थायी रूप से सूचीबद्ध किया है. बीसीसीआई द्वारा जारी सीओए के बयान में कहा गया है, ‘‘उपरोक्त फैसला न्यायमित्र पी एस नरसिम्हा की सहमति से लिया गया है. उपरोक्त को देखते हुए 11 जनवरी के निलंबन आदेशों को लोकपाल की नियुक्ति और उनके द्वारा फैसला लिये जाने तक तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है.” सीओए ने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों को निलंबित करने का फैसला ‘बीसीसीआई के संविधान के नियम 46 के तहत लिया गया जो कि खिलाड़ियों के व्यवहार से संबंधित है.’

खिलाड़ियों पर से निलंबन हटाने के लिये बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना ने पहल की थी. उनका मानना था कि जांच लंबित रहने तक निलंबन हटाया जाना चाहिए. इससे पहले सीएओ के अध्यक्ष विनोद राय ने कहा था कि बीसीसीआई को दोनों खिलाड़ियों के करियर को खतरे में डालने की जगह उनमें सुधार करने पर ध्यान देना चाहिए. दोनों खिलाड़ियों के बिना शर्त माफी मांगने के बावजूद भी बीसीसीआई की 10 इकाइयों ने इस मामले की जांच के लिए लोकपाल नियुक्त करने के लिए विशेष आम बैठक बुलाने की मांग की थी.

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