महाराष्ट्र में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना की गठबंधन की सरकार बनने के बाद अब पेंच मंत्रालय मिलने को लेकर शुरू हो गई है. महाराष्ट्र के कैबिनेट विस्तार के दौरान राज्यमंत्री बने शिवसेना के नेता अब्दुल सत्तार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वह कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज थे. इस मामले में NDTV से बात करते हुए शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि यह शिवसेना की नहीं, बल्कि विकास अघाड़ी की सरकार है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की जाएगी, सब ठीक हो जाएगा. आपको बता दें कि खबर थी कि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को सबसे अहम मंत्रालय मिलने जा रहे हैं. पार्टी को गृह, वित्त, सिंचाई और आवास मंत्रालय मिलने की उम्मीद है. उपमुख्यमंत्री का पद भी शरद पवार की पार्टी का है. संख्या के संदर्भ में भी, शिवसेना के 15 की तुलना में 16 सीट के साथ NCP के पास बढ़त है. सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय पर चल रहे विमर्श के दौरान पार्टी के अधिक नाम सामने आए हैं.
अभी तक मंत्रालयों के बंटवारे पर कुछ भी पुख्ता नहीं हो पाया है. वहीं इस बीच शिवसेना और कांग्रेस के कई विधायक नाराज बताए जा रहे हैं. कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण भी नाराज नेताओं में से एक हैं. दूसरी आज सुबह एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा है कि मंत्रालयों में बंटवारे में देरी की कोई और वजह नहीं है बल्कि कुछ और विभाग बनाए जा रहे हैं जिसकी वजह से देरी हो रही है.