दक्षिण अफ्रीका दौरे में भारतीय बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन तीसरे टेस्ट में जारी रहा. जोहानिसबर्ग टेस्ट के पहले दिन भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 187 रन बनाकर आउट हो गई. कप्तान विराट कोहली (54) और चेतेश्वर पुजारा (50) ने अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन शेष बल्लेबाजों ने बुरी तरह से निराश किया. निचले क्रम में भुवनेश्वर ने 30 रन की उपयोगी पारी खेलते हुए टीम को 200 रन के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई..जवाब में पहले दिन स्टंप्स के समय दक्षिण अफ्रीका का स्कोर छह ओवर में एक विकेट पर 6 रन था. मैच के दूसरे दिन भारतीय गेंदबाजों पर निगाह होगी. केपटाउन में पहला टेस्ट 72 रन से और सेंचुरियन में दूसरा टेस्ट 135 रन से जीतने के बाद मेजबान टीम सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है. दूसरे दिन लंच के समय दक्षिण अफ्रीका का स्कोर तीन विकेट खोकर 81 रन है. हाशिमल अमला 32 और डिविलियर्स बिना कोई रन बनाए नाबाद हैं.डीन एल्गर (4) और कागिसो रबाडा (30) दूसरे दिन आउट होने वाले बल्लेबाज हैं.
पहले सेशन में दक्षिण अफ्रीका के दो विकेट गिरे
दूसरे दिन का पहला ओवर भुवनेश्वर कुमार ने फेंका जो मेडन रहा. भारत को मैच के लिए दूसरे दिन के अपने पहले विकेट के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा. पारी के 13वें ओवर में भुवनेश्वर कुमार टीम के लिए यह सफलता लेकर आए, उन्होंने डीन एल्गर (4) को विकेटकीपर पार्थिव पटेल से कैच कराया. एल्गर के स्थान पर हाशिम अमला बैटिंग के लिए आए. विकेट से गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही थी, यही कारण था कि दक्षिण अफ्रीका का स्कोर भी पहले दिन के पहले सेशन में भारतीय टीम की ही तरह बेहद धीमी गति से बढ़ रहा था
.दक्षिण अफ्रीका के 50 रन 26 ओवर के पूरे हुए. पारी के 28वें ओवर में ईशांत शर्मा की गेंद पर हाशिम अमला के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील हुई. भारतीय टीम ने रिव्यू की मदद भी ली लेकिन फैसला बल्लेबाज के पक्ष में रहा.ऐसे समय जब रबाडा और हाशिम अमला की साझेदारी भारत के लिए मुश्किल बन रही थी, ईशांत शर्मा भारतीय टीम के लिए तीसरी सफलता लेकर आए. उन्होंने रबाडा (30 रन, 84 गेंद, छह चौके) को गलीमें अजिंक्य रहाणे से कैच कराया. रबाडा ने नाइट वॉचमैन की अपनी भूमिका बखूबी निभाई. दक्षिण अफ्रीका का तीसरा विकेट 80 के स्कोर पर गिरा.दूसरे दिन लंच के समय दक्षिण अफ्रीका का स्कोर तीन विकेट खोकर 81 रन था.
विकेट पतन: 3-1 (मार्कराम, 2.3),16-2 (एल्गर, 12.3), 80-3 (रबाडा, 29.6)
मैच के पहले दिन, टॉस जीतकर बैटिंग करते हुए भारतीय टीम महज 187 रन पर सिमट गई थी. भारत के लिए कप्तान विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने ही विकेट पर टिकने का जज्बा दिखाया.
वैसे, भारतीय टीम अगर 3-0 से हारती है तो भी अपनी नंबर एक टेस्ट रैंकिंग नहीं गंवाएगी. भारतीय टीम ने दो बदलाव किए. रोहित शर्मा की जगह अजिंक्य रहाणे और आर. अश्विन की जगह तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को प्लेइंग इलेवन में स्थान दिया गया.दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका की टीम ने केशव महाराज के स्थान पर एंडिले फेलुकवायो को टीम में स्थान दिया है. सीरीज के पहले दो टेस्ट में मिली हार के बाद विराट कोहली के लिए कुल मिलाकर हालात एकदम बदल गए हैं. छह महीने पहले उन्होंने टीम को श्रीलंका पर 3-0 से जीत दिलाकर इतिहास रचा था. अब वह 3-0 से सीरीज हारने की कगार पर खड़े हैं. अभी तक दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर कोई भारतीय टीम 3-0 यह सीरीज नहीं हारी है.
भारत 1992 से अब तक छह बार दक्षिण अफ्रीका का दौरा कर चुका है और 1996-97 में सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में 2-0 से हारा था. 2006 के बाद से पिछले तीन दौरों पर एक टेस्ट जीतने या ड्रॉ कराने में कामयाब रहा है. वैसे वांडरर्स पर भारत का रिकॉर्ड अच्छा रहा है. भारत ने इस मैदान पर चार टेस्ट ( नवंबर 1992 , जनवरी 1997, दिसंबर 2006 और दिसंबर 2013 ) खेले हैं और एक भी गंवाया नहीं है. भारत ने यहां 2006 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में टेस्ट जीता था जिसमें श्रीसंत ने 99 रन देकर आठ विकेट लिए थे. 11 बरस बाद भारतीय टीम उसी हरी-भरी और उछाल भरी पिच पर खेलेगी.
भारत: विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, पार्थिव पटेल, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह.
दक्षिण अफ्रीका: फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), डीन एल्गर, एडेन मार्कराम, हाशिम अमला, एबी डिविलियर्स, क्विंटन डिकॉक, वर्नोन फिलेंडर, कागिसो रबाडा, मोर्ने मोर्केल, लुंगी एंगिडी, और एंडिले फेलुकवायो