Home मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को मिल रहे पक्के मकान…

प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को मिल रहे पक्के मकान…

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प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब बेघर लोगों के चेहरे पर सुकुन लाने के साथ उन्हें अपनी जिंदगी बेहतरीन तरीके से बसर करने के लिए एक आश्रय स्थल दिया है। प्रधानमंत्री के “सबका साथ-सबका विकास’’ सपने को साकार करने की कड़ी में टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत सुकवाहा, नीमच जिले की जावद तहसील के ग्राम ढाबा, रायसेन जिले की सिलवानी जनपद के ग्राम डाबरी सहित अन्य जिलों में सफलता की इबारत लिखी जा रही है।

टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत सुकवाहा की मोंगिया बस्ती मे रहने वाले सभी अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग बहुत ही निम्न-स्तर का जीवन-यापन कर रहे थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन पिछड़े निर्धन परिवारों को अपना आश्रय स्थल प्राप्त हुआ है। इसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। दैनिक मजदूरी एवं मनिहारी का कार्य करके अपना गुजारा करने वाले लोगों ने प्रधानमंत्री के इस कदम की दिल से सराहना की है और उनको धन्यवाद ज्ञापित किया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के इन लोगों के लिए उनका अपना पक्का घर होना किसी सपने के सच होने जैसा है।
ग्राम पंचायत के सरपंच एवं समस्त सरकारी अमले के सहयोग से यहां आवास में लगने वाली सामग्री उपलब्ध करवाई गई। इस बस्ती में बने आवासों की गुणवत्ता की प्रशंसा स्वयं मुख्य अभियंता एवं कार्यपालन यंत्री ने अपने निरीक्षण के दौरान की।

इसी प्रकार नीमच जिले की ग्राम ढाबा निवासी देवीलाल जाटव 55 वर्षों से कच्चे कवेलू के झोपड़ीनुमा मकान में संयुक्त परिवर के साथ रह रहे थे। इस मकान में आये दिन साँप-बिच्छु सहित अन्य जानवरों का भय बना रहता था। प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित होने पर उन्हें 40-40 हजार रुपये की तीन किश्तें मिलीं, जिससे उन्होंने अपने लिये पक्का मकान बनवाया। पक्के मकान निर्माण में 90 दिन की मजदूरी 15 हजार 480 रुपये भी देवीलाल को अलग से प्राप्त हुई। अब वे अपने पक्के मकान में अपनी संयुक्त परिवार के साथ आराम से रह रहे हैं और इनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।

सिलवानी के ग्राम डाबरी में हल्के भी उन हितग्राहियों में शामिल हैं जिनका प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्के मकान का सपना साकार हुआ है। हल्के बताते है कि अब तक का जीवन कच्चे मकान में गुजारा है। कभी सोचा भी नहीं था कि पक्की छत नसीब होगी। योजना के तहत चयिनत होने और आवास के भौतिक सत्यापन के बाद उनका यह सपना पूरा हुआ और वह अब पक्की छत के नीचे सुकून की नींद ले रहे हैं।

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