फरवरी में एक बार फिर सर्दी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को राजधानी में रात का तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री कम होकर 8.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। यह पांच साल में फरवरी में सबसे कम है। इससे पहले फरवरी 2014 में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। दिन का तापमान भी सामान्य से 4 डिग्री कम रहकर 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार सुबह से ही शीतलहर चलने से होशंगाबाद, इंदौर और उज्जैन में तापमान में गिरावट आई है। इन स्थानों पर 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम होने की संभावना है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक उदय सरवटे ने बताया कि बादल छंटने से तापमान में गिरावट आई है। अभी पूरे प्रदेश में कोई सिस्टम नहीं है। हवाओं का रुख उत्तर पश्चिमी हो गया है। इस कारण तापमान में गिरावट आ रही है। आगामी एक-दो दिन में तापमान में एक-दो डिग्री की गिरावट और आ सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई स्थानों पर बरसात होने के साथ ही राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात के समाप्त होने के कारण ठंड ने फिर यू टर्न लिया है। जिसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में एक बार फिर गिरावट का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को भोपाल का तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ, जो बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात के तापमान (16.4) के मुकाबले 7.8 डिग्री कम रहा। इसके पूर्व फरवरी 2014 में न्यूनतम तापमान 7 डिग्रीसे. दर्ज किया गया था। शुक्रवार को इंदौर, श्यौपुरकला, उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, धार और खंडवा में शीतल दिन रहा।
शुक्रवार शाम से हवा का रुख बदलकर उत्तरी हो गया है। इससे मौसम विज्ञानियों ने अभी 3-4 दिन तक वातावरण में ठंड बढ़ने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले दिनों राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ था। उस सिस्टम के कारण प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग के जिलों में बरसात हो रही थी। इससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई। शुक्रवार को सिस्टम के समाप्त होने से आसमान साफ होने लगा है। वरिेष्ठ मौसम विज्ञानी उदय सरवटे ने बताया कि राजस्थान पर बने सिस्टम के समाप्त होने से शुक्रवार शाम से हवा का रुख भी दक्षिणी, पश्चिमी से बदलकर उत्तरी हो गया है। इससे एक बार फिर उत्तर भारत की सर्द हवाएं आने लगी हैं। इससे रात के तापमान में अभी 3-4 दिन तक गिरावट बनी रहेगी।