आयकर विभाग ने करदाताओं की समस्याएं दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत पहली बार सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने सभी रीजन के चीफ कमिश्नर आईटी को आदेश दिए हैं कि पूरे देश में एक साथ 16 से 31 मई तक सभी आयकर विभाग में करदाताओं की समस्याएं सुनी जाए।
इसके लिए कर निर्धारण अधिकारियों को अपने कामकाज के दिन का पहला आधा हिस्सा करदाता या उनके प्रतिनिधियों से मिलने के लिए सुरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं। इस दौरान वह अपील प्रभाव के केस, जनशिकायत, टीडीएस मिसमैच के कारण निकले टैक्स डिमांड आदि मामले सुनेंगे। सीबीडीटी का मानना है कि इन सब मामलों में देरी से करदाताओं के मध्य असंतुष्टि पैदा होती है।
सीबीडीटी ने यह भी कहा है कि स्थानीय अधिकारी इसके प्रचार के लिए स्थानीय संगठनों को भी पत्र लिखेंगे, जिससे लंबित मामलों में कार्रवाई हो सके। साथ ही सभी को इस 15 दिन के शिविर का फीडबैक भी सीबीडीटी को भेजना है। सीए अभय शर्मा ने कहा कि इससे करदाताओं को सीधे अपनी बात रखने का मौका मिलेगा और विभाग में लंबित हजारों केस भी एक साथ निराकृत हो सकेंगे।